जाने कैसे अप्रैल से स्कूली शिक्षा का बदल जाएगा ताना-बाना

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जाने कैसे अप्रैल से स्कूली शिक्षा का बदल जाएगा ताना-बाना

नई दिल्ली। नर्सरी से 12 वीं तक की स्कूली शिक्षा को एकीकृत बनाने के एलान के साथ ही सरकार ने इसके अमल की तैयारी शुरू कर दी है। वह मार्च तक इसके लिए कानून लाएगी, जबकि एक अप्रैल यानी नए शैक्षणिक सत्र से देशभर में एकीकृत स्कूली शिक्षा योजना लागू हो जाएगी। मौजूदा समय में देश में स्कूली शिक्षा टुकड़ों में बंटी है। प्राथमिक शिक्षा का संचालन सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा के अधिकार कानून जैसे कानूनों के तहत किया जा रहा है, जबकि माध्यमिक शिक्षा का संचालन राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हो रहा है।

नर्सरी को अभी तक स्कूली शिक्षा में कहीं जगह ही नहीं मिली है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की इस घोषणा के साथ ही नर्सरी की शिक्षा भी अब स्कूली शिक्षा का अंग होगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जल्द ही वह कैबिनेट के सामने इससे संबंधित कानून को रखेंगे। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इसपरअमल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा के लिए यह एक बड़ा कदम होगा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस नए बदलाव के साथ ही सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, मिड-डे मील जैसी तमाम योजनाओं का बजट एक हो जाएगा।

अलग-अलग आवंटन होगा
बजट में फिलहाल इन योजनाओं के लिए अलग-अलग आवंटन जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में सर्व शिक्षा अभियान के लिए करीब 2628 करोड़ दिए गए है, जबकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को 383 करोड़ और मिड-डे मील को 233 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने बजट में स्कूली शिक्षा के बजट को करीब आठ फीसद बढ़ाते हुए 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में करीब 3643 करोड़ ज्यादा है।

 

NEWS IN ENGLISH

School education will change from April

new Delhi. With the announcement of integrating school education up to 12th in the nursery, the government has started preparations for its implementation. It will bring legislation to it till March, whereas an April ie new academic session will be implemented in an integrated school education scheme across the country. At present, school education in the country is divided into pieces. Primary education is being conducted under the laws of Sarva Shiksha Abhiyan and Right to Education Act, whereas secondary education is being conducted under the National Secondary Education Mission.

The nursery has not got anywhere in school education. With this announcement of Finance Minister Arun Jaitley, nursery education will also be a part of schooling. Union HRD Minister Prakash Javadekar said that soon he will keep the law related to it in front of the cabinet. Only after getting approval from this will the process of amalgamation be started. He said that this would be a big step for school education. According to senior officials of the ministry, with this new change, the budget of all the schemes like Sarva Shiksha Abhiyan, National Secondary Education Campaign, Mid-Day Meal will become one.

Will be different allocation
Currently, different allocation has been issued for these schemes in the budget. About 2628 crores has been given for Sarva Shiksha Abhiyan in the financial year 2018-19, while the National Secondary Education Campaign has been given 383 crores and the mid-day meal has been given Rs 233 crores. Apart from this, the government has made provision of 50 thousand crores in the budget, increasing the budget of the school education by about eight percent. This amount is about 3643 crores more than the financial year 2017-18.

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