शाहपुर की निशि भी कहलाएगी मणिकर्णिका, माचना नदी के किनारे संचालित करती है टी स्टॉल

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शाहपुर की निशि भी कहलाएगी मणिकर्णिका, माचना नदी के किनारे संचालित करती है टी स्टॉल


शाहपुर (आशीष राठौर)। चाय की दुकान लगाकर कई लोग सफल व्यवसायी बन गए। अहमदाबाद में हाथ ठेले पर चाय बेचने वाले एमबीए चायवाला के आज विदेशो में स्टॉल है। बस जुनून और जज्बा हो तो इंसान मनचाहा मुकाम हासिल कर ही लेता है। शाहपुर जैसे छोटे से नगर की बेटी निशि भी अब सफलता की राह पर है। लोगो के तंज और तानों की परवाह न करते हुये निशि ने 7 साल पहले चाय की दुकान खोली थी। अपने परिवार के लिये निशि विपरीत परिस्थितियों में मजबूत सहारा बनी। उसके संघर्ष को दो दिन बाद मणिकर्णिका के नाम से नवाजा जाएगा।

डाटर्स डे पर बैतूल में देश का नाम गौरवान्वित करने वाली बेटियां मणिकर्णिका-2022 सम्मान से सम्मानित होगी। शाहपुर में माचना नदी किनारे चाय का स्टाल लगाने वाली निशी राठौर को भी इस वर्ष मणिकर्णिका सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

जानकारी अनुसार जिले के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ वसंत श्रीवास्तव एवं एडव्होकेट नीरजा श्रीवास्तव की सुपुत्री स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति मप्र, बोथरा शॉपिंग मॉल, कांतिशिवा ग्रुप, आदित्य होण्डा ग्रुप, होटल आईसीईन एवं जिला पंचायत बैतूल के सदस्य युवा समाजसेवी शैलेन्द्र कुंभारे के संयुक्त तत्वावधान में 25 सितंबर को रामकृष्ण बगिया में दोपहर 2.30 बजे ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद डीडी उईके, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पंवार, विधायक निलय डागा, आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल, नर्मदापुरम आईजी दीपिका सूरी, कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस, एसपी सिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत अभिलाष मिश्र, जिला भाजपा अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला, जिला काग्रेस अध्यक्ष सुनील गुड्डू शर्मा का सानिध्य प्राप्त होगा।

निशी राठौर पिता ज्ञानचंद राठौर शाहपुर की मूल का निवासी है। वर्तमान में एलएलबी 2वर्ष (एलएलबी कॉलेज बैतूल) की छात्रा हू। परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण मां एवं पापा से प्रेरणा लेकर 2014 में चाय का स्टॉल माचना नदी किनारे प्रारंभ किया। जिससे अपने एवं अपने परिवार की जरूरत पूरी कर भरण पोषण करती है।

वर्ष 2021 में निशी की छोटी बहन सेफाली राठौर को पढ़ाई करवाते हुए कक्षा 12वीं में 91% अंक प्राप्त किए और परिवार, समाज के साथ शाहपुर का नाम पूरे जिले में रोशन किया गया। एक महिला के द्वारा चाय का स्टाल लगाने में समाज में विभिन्न प्रकार की बातें चलती रही परंतु निशी अपने इरादों पर अटल रहते हुए अपने परिवार की और देखा तथा आज एक सफल व्यवसाय के रूप में अपना कार्य कर रही है।

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