भविष्य निधि संगठन के अल्टीमेटम से नियोक्ताओं में हड़कंप

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भविष्य निधि संगठन के अल्टीमेटम से नियोक्ताओं में हड़कंप

भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) भोपाल कमिश्नरेट के अल्टीमेटम से डेढ़ हजार से अधिक नियोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति बन गई है। ईपीएफओ ने जिन नियोक्ताओं को नोटिस भेजे हैं उन्हें अब जुर्माने के साथ मुकदमेबाजी का भय भी सताने लगा है। अनहोनी की आशंका के चलते बड़ी संख्या में नियोक्ता पूछताछ करने भविष्य निधि भवन के चक्कर लगाने लगे हैं।

ईपीएफओ ने भोपाल कमिश्नरेट में करीब डेढ़ हजार से अधिक नियोक्ताओं को कर्मचारियों की अंशनिधि जमा न करने का दोषी पाया है। इनमें कुछ बड़े संस्थान ऐसे भी हैं, जिन्होंने 90 से लेकर 565 दिन के बाद भी अपने कर्मचारियों का अंशदान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में जमा नहीं कराया। इस वजह से वे सभी विभाग के निशाने पर आ गए हैं।

ईपीएफओ के क्षेत्रीय कमिश्नर संजय केसरी ने बताया कि अलग-अलग किस्तों में हम अब तक लगभग 600 छोटे-बड़े डिफाल्टर नियोक्ताओं को नोटिस थमा चुके हैं। नोटिस में संस्थानों के खिलाफ 12 फीसदी ब्याज और 25 फीसदी जुर्माने के अलावा अदालती प्रकरण दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से खिलवाड़ और शासकीय खजाने का पैसा समय पर जमा नहीं करने को लेकर श्रम मंत्रालय ने सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ईपीएफओ द्वारा नियोक्ताओं को जारी निर्देश में कहा गया है कि कोई कर्मचारी यदि एक दिन का काम करता है तो भी उसके लिए सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा संबंधी योजनाएं हैं।

 

NEWS IN English

Stake in employers with ultimatum of provident fund organization

Bhopal. Employees’ Provident Fund Organization (EPFO) has become a state of stir in more than one and a half thousand employers by ultimatum of Bhopal commission. The employers who have sent notices to the EPFO ​​now have also started harassing the fear of litigation with the fine. Due to the fear of unevening, large number of employers have begun to inquire about the future of Nidhi Bhawan.

The EPFO ​​has found that more than one and a half thousand employers have been found guilty of not depositing the franchise of employees in the Bhopal commission. Among these, there are some big institutions that have not deposited their employees even after 90 to 565 days in the Employees’ Provident Fund Organization. Because of this, they have come to the target of all departments.

EPFO Regional Commissioner Sanjay Kesari said that in the various installments we have so far issued notice to about 600 small and big defaulters. In the notice, against the institutions 12 percent interest and 25 percent of the fines have been warned to register the court cases. The Ministry of Labor has started vigorously in relation to not keeping the money from the social security of the employees and depositing government treasury on time. He told that the instructions issued to the employers by EPFO ​​have stated that even if an employee works for one day, he has social security plans from the government.

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