भारतीय स्टेट बैंक ने जमा पर ब्याज दरें बढ़ाकर दिए संकेत,महंगा हो सकता है लोन लेना

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भारतीय स्टेट बैंक ने जमा पर ब्याज दरें बढ़ाकर दिए संकेत,महंगा हो सकता है लोन लेना

नई दिल्ली। आने वाले दिनों में सस्ते कर्ज की आस लगाए बैठे लोगों को झटका लग सकता है। देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर इस संकेत को पुख्ता कर दिया है। जमा पर ब्याज दरें बढ़ने को सीधे तौर पर महंगे कर्ज से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में अगले हफ्ते रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा से सस्ते कर्ज की कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वित्त मंत्रलय के प्रमुख आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन भी इस तरह के संकेत दे चुके हैं। एसबीआई ने मंगलवार को बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 0.50 से 1.40 फीसद तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है।

दरअसल, तकरीबन दो वर्ष बाद बैंकों से कर्ज लेने वालों की रफ्तार इनमें जमा राशि रखने वाले ग्राहकों के मुकाबले तेजी से बढ़ी है। रेटिंग एजेंसी इकरा ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में पांच जनवरी, 2018 तक के आंकड़ों के आधार पर कहा है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.02 लाख करोड़ रुपये की राशि बतौर कर्ज बांटी गई है। इसी अवधि में बैंकों में जमा राशि के तौर पर 1.27 लाख करोड़ रुपये आए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंकों को कर्ज बांटने के लिए ज्यादा से ज्यादा राशि जनता से जुटानी होगी। यह काम डिपॉजिट रेट बढ़ाकर ही संभव होगा।

इकरा के मुताबिक, बीते एक साल में बैंक की जमा दरों में 2.40 फीसद की औसतन कटौती हो चुकी है। इसलिए अब इसमें बढ़ोतरी होनी तय है। इकरा की इस बात को एसबीआई की घोषणा से पुख्ता आधार भी मिल गया है। एसबीआइ ने फिलहाल बल्क डिपॉजिट पर जमा दरें बढ़ाकर इसकी शुरुआत की है। एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि की सावधि जमा को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है।

एसबीआई ने 46 से 210 दिनों तक के लिए बल्क जमाओं पर देय ब्याज दरों को 4.85 फीसद सालाना से बढ़ाकर 6.25 फीसद कर दिया है। एक वर्ष की अवधि की बल्क जमाओं पर ब्याज दरों को भी एक फीसद बढ़ाकर 6.25 फीसद किया गया है। बैंक ने बुजुर्गो को भी आकर्षित करने की कोशिश की है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वर्ष से 455 दिनों तक की जमा स्कीमों पर ब्याज दर 5.75 फीसद से बढ़ाकर 6.75 फीसद किया गया है।

बैंकिंग की दुनिया में जमा स्कीमों पर ब्याज दर बढ़ाने को कर्ज महंगा करने के पहले कदम के तौर पर देखा जाता है। सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के बाद सुब्रमणियन ने भी महंगे कर्ज का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था, ‘एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, दूसरी तरफ विकास दर भी रफ्तार पकड़ रही है। ऐसे में रिजर्व बैंक के पास आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती करने का विकल्प नहीं रहेगा।’ आरबीआई सात फरवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करने वाला है। अब तो कई अर्थविद यह कहने लगे हैं कि भारत में सस्ते कर्ज का माहौल लौटने में अब काफी वक्त लगेगा।

 

NEWS IN English

State Bank of India has raised interest rates on deposits, signals can be expensive, taking a loan

new Delhi. In the days to come, people who are looking for cheap loans may be shocked. The country’s largest lender, State Bank of India (SBI) has tightened this signal by hiking interest rates on deposits. Increasing interest rates on deposits is directly linked to expensive loans. Thus, the monetary policy review of the Reserve Bank next week should not expect any cheap loan. Arvind Subramanian, the Chief Economic Advisor of the Finance Ministry, has also given similar signals. SBI has announced an increase in interest rates from 0.50 to 1.40 percent on Tuesday on bulk deposits.

Indeed, about two years later, the speed of borrowers from banks has increased faster than those who deposit the deposit. Ratings Agency, Ikra, on Tuesday, based on the figures released on January 5, 2018, said that in the current financial year, amount of Rs 2.02 lakh crore has been disbursed as loan. In the same period, Rs 1.27 lakh crore has come as deposits in banks. In such a situation, banks will have to mobilize as much money as possible to distribute loans to the public in the coming days. This work would be possible only by increasing the deposit rate.

According to IKra, the bank has reduced its deposit rates by 2.40 percent in the past year. Therefore, it is now decided to increase. This story of Iqra has also got a firm foundation since the announcement of SBI. SBI has started this by increasing deposit rates on bulk deposits at the moment. Term deposits of more than one crore rupees are kept in the category of bulk deposits.

SBI has increased the rate of interest on bulk deposits from 46 to 210 days, from 4.85 per cent per annum to 6.25 per cent. Interest rates on bulk deposits of one year duration have also been increased from one percent to 6.25 percent. The bank has also tried to attract the elderly. For senior citizens, the interest rate on deposits schemes from one year to 455 days has been increased from 6.75 per cent to 5.75 per cent.

Increasing the interest rate on deposited schemes in the banking world is seen as the first step towards making the loan expensive. After presenting an Economic Survey on Monday, Subramanian also indicated an expensive loan. He said, “On one hand inflation is on the rise, on the other hand the growth rate is also catching up. In such a situation, the Reserve Bank will not have the option to cut interest rates in the coming months. “The RBI is scheduled to present monetary policy review on February 7. Now many economists have started saying that it will take a lot of time to return to the environment of cheap credit in India.

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