राज्य निर्वाचन आयोग ने मुंगावली SDM उदय सिंह सिकरवार को हटाया

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राज्य निर्वाचन आयोग ने मुंगावली SDM उदय सिंह सिकरवार को हटाया

भोपाल। विधानसभा उपचुनाव के चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने मुंगावली के एसडीएम उदय सिंह सिकरवार को हटा दिया है। इसके साथ ही रवीश श्रीवास्तव को मुंगावली के नए एसडीएम का दायित्व सौंपा गया है।

उदय सिंह सिकरवार कुछ दिन पहले ही मुंगावली के नए एसडीएम के तौर पर पदस्थ हुए थे। लेकिन निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए उदय सिंह सिकरवार को हटा दिया। सिकरवार मुंगावली के रिटर्निंग ऑफिसर थे।

मुंगावली में 24 फरवरी को उपचुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इससे पहले सिकरवार को अटेर से भी हटाया था। उपचुनाव के चलते मुंगावली में अचार सहिता लागू है ऐसे में सिकरवार की नियुक्ति को चुनाव आयोग ने असंवैधानिक करार देते हुए ये कार्रवाई की। इधर इंदौर में डिप्टी कलेक्टर रवीश श्रीवास्तव को मुंगावली में नया दायित्व सौंंपा गया है।

 

NEWS IN English

State Election Commission removed Mungawali SDM Uday Singh Sikarwar

Bhopal. Due to the by-elections by the bypoll, the State Election Commission has removed the SDM Uday Singh Sikarwar of Mungawi. Along with this Ravi Shrivastav has been given the responsibility of the new SDM of Mungawali.

Uday Singh Sikarwar had been posted as new SDM in Mungawi a few days ago. But the Election Commission has removed Uday Singh Sikarwar, citing the implementation of the code of conduct. Sikarwar was the returning officer of Mungawi.

There will be a by-polls on February 24 in Mungawale. The State Election Commission had earlier removed Sikarwar from the air. As a result of the by-elections, the Achar Sahitya is applicable in Mungawale so that the appointment of Sikarwar was done by giving it to the Election Commission as unconstitutional. Here, deputy collector Ravi Shrivastav has been given new responsibility in Mungawale in Indore.

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One Thought to “राज्य निर्वाचन आयोग ने मुंगावली SDM उदय सिंह सिकरवार को हटाया

  1. JP Sharma

    पहली बात यह महोदय भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं
    दूसरी बात यह भू अभिलेख अधीक्षक से डिप्टी कलेक्टर हुए हैं और सभी जानते हैं कि भू अभिलेख से आए हुए अधिकारी प्रशासनिक कार्य मे और मजिस्ट्रेट के कार्यों मे सर्वथा अक्षम होते हैं,इसीलिए इन्हे कमिश्नरी भू अभिलेख मे ही पदस्थ किया जाता है
    तीसरे यह संघी हैं,शाखाओं मे बचपन से सदस्य रहे हैं और अटेर भिंड उपचुनाव मे ईवीएम हेराफेरी के आरोपी थे तब भी इन्हें दण्डित नही किया गया और ना ही सस्पेंड
    एकबार चुनावों मे भाजपा को फायदा पहुंचाने के आरोपी रहे व्यक्ति को पुन चुनाव प्रभावित करना स्पष्ट भाजपा का मंतव्य दर्शाता है कि वह उत्तरप्रदेश और गुजरात की तर्ज पर अधिकारियों की मिली भगत से चुनाव जीतना चाहती है

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