वन्य प्राणियों को पेयजल उपलब्ध करा करें सुनील सरियाम, पेश कर रहे हैं मानवता की नई मिसाल

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वन्य प्राणियों को पेयजल उपलब्ध करा करें सुनील सरियाम, पेश कर रहे हैं मानवता की नई मिसाल

लोगों को समाजसेवी सुनील सरियाम से प्रेरणा लेकर करना चाहिये वन प्राणियों की मदद


बैतूल। पूरे बैतूल जिले में अक्सर समाज सेवा करके चर्चा का विषय बनने वाले पावर एवं एंप्लाइज इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम अपने अच्छे कार्यों के लिए जाने जाते हैं। कभी कभी कोरोना काल में मास्क एवं सेनौटाइजर बांटते हैं से तो कभी लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क पर कोई दुर्घटना ना हो उसको लेकर निशुल्क हेलमेट वितरित करते हैं या फिर कभी किसी गरीब परिवार की मदद के लिए खड़े हो जाते हैं।

जब भी उन्हें किसी भी मामलों में लोगों की मदद करने का मौका मिलता है। उसी समय उनके दर्द में सहभागी बन जाते हैं। कई बार तो दुर्घटना में घायल हुए लोगों को भी मदद करते हैं उन्हें देखा गया है। लेकिन इस बार इन सारी चीजों से हटकर उन्होंने वन्य प्राणियों की ओर ध्यानाकर्षण किया है। जहां जंगलों में लोग घूमने तो जाते हैं लेकिन कभी यह नहीं सोचते हैं कि उनकी तरह वन्य प्राणियों को भी पानी की आवश्यकता होती है। और वन्य प्राणियों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर सुनील सरियाम ने नई मिसाल पेश की है।

वैसे तो पैशे से इंजीनियर सुनील सरियाम के सेवाभावी कार्य हमेशा ही सभी को प्रेरणा देते हैं। दरअसल गरीबी में पले बढ़े सुनील सरियाम अब इंजीनियर है अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा समाज सेवा के कार्य में लगाते हैं बच्चों की पढ़ाई की बात हो या फिर किसी जरूरतमंद की मदद करना हो हमेशा ही सुनील आगे रहते हैं।

कोरोना काल में भी लगे रहे सेवा में

लॉकडाउन में जब लोग कोरोना से डरकर घर में रहे थे तब भी सुनील सरियाम जरूरतमंदों को मांस्क और सैनिटाइजर बांट रहे थे। बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुनील सरियाम द्वारा करीब 100000 फेस मास्क वितरण किए इसके लिए वह आप मार्क्समैन के नाम से भी जाने जाते हैं। वही इस भीषण गर्मी में प्रतिदिन बैतूल से सारणी आना-जाना करते हैं। इस दौरान पशु पक्षियों के लिए रोज अपनी कार में 80 लीटर पानी रखते हैं। और जहां भी ऐसा लगता है कि यहां पशु पक्षी पाने के लिए आते हैं उस जगह पर प्लास्टिक की कुपियों में पानी रख रहते हैं।

बेजुबानों के लिए प्रयास

सुनील सरियाम कहते हैं कि जब इस भीषण गर्मी में इंसान पानी के लिए परेशान हो सकते हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि पशु पक्षियों को पानी के लिए कितना भटकना पड़ता होगा इन बेजुबान पशु पक्षियों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़े इसके लिए मेरे द्वारा यह छोटा सा प्रयास हर रोज किया जाता है सुनील सरियाम के इस प्रेरणादाई कार्य कि लोग खूब सराहना कर रहे हैं।

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