कॉल ड्रॉप की समस्या रोकने के लिये 74 हजार करोड़ का निवेश करेंगी दूरसंचार कंपनियां

Advertisements

NEWS IN HINDI

कॉल ड्रॉप की समस्या रोकने के लिये 74 हजार करोड़ का निवेश करेंगी दूरसंचार कंपनियां

नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनियों ने कॉल ड्रॉप की समस्या सुलझाने के लिए 74 हजार करोड़ रुपये के निवेश का सरकार से वायदा किया है। दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन के अनुुसार दूरसंचार कंपनियों ने अन्य समस्याओं के अलावा मोबाइल टावर लगाने में जमीन की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया है। कॉल ड्रॉप पर दूरसंचार विभाग की ओर से बुलाई गई बैठक में भारती एयरटेल ने कहा कि उसने इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब तक 16 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। जबकि भविष्य में 24 हजार करोड़ रुपये का और निवेश करने की योजना है। दूसरी ओर रिलायंस जियो ने अगले वित्तीय वर्ष के दौरान 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक लाख टावर लगाने की मंशा जताई है। आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन ने भी टावरों की संख्या बढ़ाने का वादा किया है। दूरसंचार सचिव ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने कॉल ड्रॉप को लेकर अपना विश्लेषण प्रस्तुत किया।

इसके मुताबिक अब कॉल ड्रॉप में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लेकिन विभिन्न वजहों से आवाज कमजोर या बहुत धीमी होने की समस्या बढ़ गई है। इनमें एक वजह कुछ मोबाइल सेटों का आवश्यक मानकों के अनुरूप न होना है। टेलीकॉम कंपनियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप न होने वाले मोबाइल हैंडसेट में कॉल ड्रॉप की समस्या ज्यादा है। कंपनियों ने नेटवर्कों में गैरकानूनी रिपीटर (सिग्नल को मजबूती देने वाला उपकरण) के दखल का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इससे कॉल की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। दूरसंचार विभाग की सतर्कता शाखा इन चिंताओं पर गौर कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी।

टेलीकॉम ऑपरेटरों ने यह कहा-
टेलीकॉम ऑपरेटरों का कहना था कि भारत अकेला ऐसा देश है जहां एक मोबाइल टावर पर एक ही समय पर 400 लोग बात कर रहे होते हैं। यह संख्या अन्य देशों के मुकाबले काफी अधिक है। चीन में एक टावर पर एक समय में 200-300 लोगों से ज्यादा लोग बात नहीं करते है। इस स्थिति से निपटने के लिए टेलीकॉम कंपनियां उपस्कर निर्माताओं से बात कर रही हैं। दूरसंचार कंपनियों के मुताबिक भारत में डाटा का इस्तेमाल भी छह-सात गुना बढ़ गया है और यह उपयोग हर महीने 20-25 फीसद की दर से बढ़ रहा है। यही नहीं वॉइस ट्रैफिक भी बढ़कर दोगुना हो गया है। मंगलवार की बैठक ट्राई की ओर से अक्टूबर में कॉल ड्रॅाप के नए नियम लागू करने के बाद बुलाई गई थी। ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए उनसे नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

 

NEWS IN English

Telecom companies to invest Rs 74 thousand crore to stop call drop

new Delhi. Telecom companies have promised the government to invest Rs 74 thousand crore to solve the problem of call drop. According to telecom secretary Aruna Sundararajan, the telecom companies have raised the issue of non-availability of land in mobile towers besides other problems. At the call-out on the call from the Department of Telecommunications, Bharti Airtel said that he has invested Rs 16 thousand crore so far on infrastructure. In future, plans to invest more than Rs 24 thousand crore. On the other hand, Reliance Jio has expressed the intention to set up one lakh towers in the next financial year with an investment of Rs 50,000 crore. Idea Cellular and Vodafone also promised to increase the number of towers. Telecom Secretary said that telecom companies presented their analysis on call drop.

According to this, now the call drop is not going up. But due to various reasons the problem of sound becoming weak or very slow has increased. One reason for this is that some mobile sets do not have to meet the required standards. Telecom companies said that the problem of call drop in mobile handsets which do not conform to international standards is more. The companies also raised the issue of interference of illegal repeaters in the networks and said that this is affecting the quality of the call. The Vigilance Branch of the Department of Telecommunications will take steps to ensure compliance with the rules by looking at these concerns.

Telecom operators said this –
Telecom operators said that India is the only country where 400 people are talking at the same time on a mobile tower. This number is much higher than other countries. More than 200-300 people do not talk at a tower in China at one time. Telecom companies are talking to the logistic manufacturers to deal with this situation. According to telecom companies, the use of data in India has also increased six-seven times and this usage is growing at a rate of 20-25 per cent per month. Not only that, the voice traffic has also doubled. Tuesday’s meeting was convened by TRAI in October after implementing new rules for call drops. TRAI asked the telecom companies to file a report on the problems related to the network to check the quality of services.

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.