नई खनन नीति आने से भोपाल में शुरू होगी लैटेराइट की खदान,बढ़ेगा सीमेंट का उत्पादन, बढ़ेगा राजस्व

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NEWS IN HINDI

नई खनन नीति आने से भोपाल में शुरू होगी लैटेराइट की खदान,बढ़ेगा सीमेंट का उत्पादन, बढ़ेगा राजस्व

भोपाल। प्रदेशभर में नई खनन नीति लागू कर दी गई है। इससे 32 मेजर मिनरल (बड़े खनिज) को माइनर मिनरल (छोटे खनिज) में शामिल कर लिया गया है। इस निर्णय से राजधानी को भी फायदा होगा। क्योंकि यहां लैटेराइट खनिज की काफी खदानें हैं। इनमें से सबसे मुख्य खदान परवलिया और पुरा छिंदवाड़ा में हैं। बता दें कि लैटेराइट का उपयोग सीमेंट बनाने में किया जाता है। ऐसे में भोपाल में इन खदानों के शुरू होने से सीमेंट का उत्पादन बढ़ सकता है। जिला खनिज अधिकारी राजेंद्र सिंह परमार ने बताया कि पुरा छिंदवाड़ा में 45 हेक्टेयर की लैटेराइट खदान है। जिसे जल्द ही चालू किया जाएगा। इससे जिला प्रशासन को डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा। इसके अलावा अन्य पांच लैटेराइट की खदानें भी हैं, जिन्हें चालू करने पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि नई खनन नीति में गौण खनिज नियमों में संशोधन किया जा रहा है। इसमें 32 मेजर मिनरल को माइनर मिनरल में शामिल किया गया है। अभी तक इनके लिए केन्द्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाता था। इसमें अनुमति मिलने में लंबा समय लगता था, लेकिन अब राज्य सरकार ही इस संबंध में फैसले ले सकेगी। जो खनिज इस दायरे में आएंगे उनमें क्ले और लैटेराइट जैसे खनिज शामिल हैं। जानकारी के अनुसार मप्र हीरा, मैगनीज, पायरोफिलाइट और ताम्र अयस्क के उत्पादन में पहले स्थान पर, डायस्पोर, क्ले, चूना-पत्थर, रॉक-फॉस्फेट के उत्पादन में दूसरे स्थान पर और लैटेराइट, ओकर और शैल के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। वहीं कोयला और डोलोमाइट के उत्पादन में चौथे स्थान पर है।

 

NEWS IN English

The introduction of new mining policy will start in Bhopal, the quarry of Latterite will increase, production of cement will increase, revenue will increase

Bhopal. New mining policy has been implemented throughout the state. This has added 32 Major Mineral (Large Minerals) to Minor Mineral (Small Minerals). The capital will also benefit from this decision. Because there are enough mines of litterite minerals. Of these, the main quarries are in Parwalia and Pura Chhindwara. Explain that litterite is used to make cement. In such a situation, the production of cement can increase in these areas from Bhopal. District Mineral Officer Rajendra Singh Parmar informed that in Pura Chhindwara, there is a 45 hectare litterite mine. Which will be turned on soon. This will give the district administration revenue of more than 1.5 crore rupees. Apart from this, there are also five lattrite mines, which are being considered for commissioning. Explain that the mining rules are being amended in the mining policy. In this 32 Major Mineral is included in Mineral Mineral. So far the proposal was sent to the Central Government for them. It took a long time to get permission, but now the state government will be able to make decisions in this regard. Minerals which include this include minerals such as clay and litterite. According to the information, in the first place in the production of MP diamond, manganese, pyrophylite and copper ore, third place in production of diaspor, clay, limestone, rock-phosphate and in the production of litterite, oak and shell. At the fourth place in the production of coal and dolomite.

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