1 March 2022 से बदल जाएंगे यह नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

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1 मार्च 2022 से आपके जीवन से जुड़े कई नियमों में बदलाव आ जाएगा। इन नियमों में बैंक से पैसा निकालने के लगने वाले चार्जेस जमा करने से जुड़ें हैं। कल से सिलेंडर के दाम भी बदल जाएंगे। आज लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की अंति तारीख हैं। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में-

इंडिया पोस्ट का बढ़ेगा चार्ज

IPPB यानि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (India Post Payment Bank) ने अपने डिजिटल सेविंग्स अकाउंट के लिए क्लोजर चार्जेस लेना शुरू कर दिया है। अगर आपका इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में सेविंग खाता है तो आपको इस चार्ज का पेमेंट अकाउंट बंद करते समय करना होगा। यह चार्ज 150 रुपये है और इस पर GST अलग से देना होगा। बैक की ओर से ये नया नियम 5 मार्च 2022 से लागू किया जाएगा।

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LPG सिलेंडर की कीमत होगी तय

एलपीजी सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price) हर महीने की पहली तारीख को ही तय होती है. इसलिए 1 मार्च पर सभी लोगों की नजर है, क्योंकि अगर तेल कंपनियों ने रसोई गैस (Rasoi Gas) की कीमत बढ़ायी, तो सीधे तौर पर इसका असर लोगों की जेब पर पड़ेगा. उनका बजट बिगड़ सकता है. हालांकि, पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों की वजह से पिछले कुछ महीनों से एलपीजी सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े (LPG Cylinder Price Hike) हैं.

बैंकों को अपनाना होगा एटीएम में कैश भरने का यह नियम

बैंकों के एटीएम में कैश भरने के लिए मार्च में  नियम बदलने वाला है. गौरतलब है, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को एटीएम में कैश भरने के लिए लॉकेबल कैसेट के इस्तेमाल को लागू करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर मार्च 2022 कर दी थी. वर्तमान में, अधिकांश एटीएम में नकद राशि को ओपन कैश टॉप-अप या स्पॉट पर ही मशीन में कैश डालने के जरिए भरा जाता है. आरबीआई एटीएम में नकद डालने के मौजूदा सिस्टम को खत्म करना चाहता है. इसके लिए बैंकों को निर्देश दिया है कि एटीएम में कैश भरने के लिए केवल लॉकेबल कैसेट का ही इस्तेमाल सुनिश्चित करें. बता दें कि लॉकेबल कैसेट में पैसा पहले से भरा होता है, इन्‍हें केवल एटीएम में बदलना होता है.

आरबीआई ने किया डिजिटल पेमेंट में बड़ा बदलाव

आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट में बड़े बदलाव करने के लिए तैयार है. जिसके तहत अब प्रोप्राइटरी क्यूआर कोड का इस्तेमाल करने वाले एक या अधिक इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर स्थानांतरित होंगे. यह प्रक्रिया 31 मार्च 2022 तक पूरी होनी जरूरी है. रिजर्व बैंक के मुताबिक, कोई भी पीएसओ द्वारा कोई नया मालिकाना क्यूआर कोड लॉन्च नहीं किया जाएगा यानी कि किसी भी तरह के भुगतान या लेनदेन के लिए नया प्रोप्राइटरी कोड शुरू नहीं करेगा. इस कदम से अब कस्टमर यूपीआई पेमेंट का सपोर्ट करने वाले किसी भी ऐप से किसी भी प्लेटफॉर्म पर पेमेंट कर सकते हैं.

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