ट्रैफिक नियम तोड़ा तो घर पहुंचेगा चालान,आईटीएमएस से ट्रेस होंगे चोरी के वाहन

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ट्रैफिक नियम तोड़ा तो घर पहुंचेगा चालान,आईटीएमएस से ट्रेस होंगे चोरी के वाहन

भोपाल। शहर में दो चौराहों पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के ट्रायल रन के बाद अब शहर के अन्य चौराहों पर कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। तीन महीने में एक साथ शहर के 22 चौराहों पर आईटीएमएस के माध्यम से मॉनिटरिंग शुरू कर दी जाएगी। वहीं 29 जनवरी को आईटीएमएस के कंट्रोल सेंटर का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके बाद गोविंदपुरा स्थित निर्माणाधीन बिल्डिंग पर कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा। इस सिस्टम का फायदा यह होगा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के घर ई-चालान भेजे जाएंगे। साथ ही चोरी के वाहन भी आसानी से ट्रेस हो सकेंगे। बता दें कि भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (बीएससीडीसीएल) रोशनपुरा और बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पिछले एक महीने से ट्रायल रन कर रहा है। इसमें रोजाना चौराहे से गुजरने वाले वाहनों का डाटा जुटाया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत 22 चौराहों पर कैमरे और रोड मार्किंग का काम किया जा रहा है। 16 चौराहों पर सिस्टम और कैमरे लगाने का काम अंतिम चरण में है।

वाहनों के वास्तविक संख्या का रहेगा डाटा
सिस्टम चालू होने के बाद बिना परमिट दौड़ने वाले अवैध वाहन का संचालन आसान नहीं होगा। इस तरह के वाहन ऑटोमेटिक ट्रेस होंगे। इससे शहर की सड़कों पर चलने वाले मैजिक, आपे, मिनी बस आदि वाहनों की वास्तविक संख्या भी सामने आ जाएगी। ——-

यह है आईटीएमएस
इस सिस्टम से तेज वाहन चलाना, गलत साइड चलना, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की पहचान, वाहनों का क्लासिफिकेशन, सिटी सर्विलांस और ट्रैफिक नियमों का पालन कराना प्रमुख है। इन कामों के लिए अभी तक मैन पावर की जरूरत पड़ती थी। अब यह ऑटोमेटिक हो जाएंगे। कैमरे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिक्गनाजेशन, एएनपीआर सिस्टम और कम्प्यूटर विजन एंड पैटर्न रिक्गनाजेशन सिस्टम से लैस होंगे। यह मेड इन इंडिया तकनीक पर आधारित हैं। कैमरे से एक साथ वाहन का नंबर और चालक सिर डिटेक्ट हो जाएगा। इसके बाद आईटीएमएस सर्वर से नियम तोड़ने वाले वाहन की जानकारी आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को भेज दी जाएगी। इन दोनों विभागों के सर्वर आईटीएमएस से लिंक रहेंगे।

तीन माह में होगा शुरू
दो चौराहों में ट्रायल रन सफल रहा है, लेकिन एक साथ 22 चौराहों पर सिस्टम लगने के बाद इसे चालू किया जाएगा। कंट्रोल सेंटर का काम भी होना है। तीन महीने में आईटीएमएस शुरू हो जाएगा।
चंद्रमौलि शुक्ला, सीईओ बीएससीडीसीएल

 

NEWS IN English

Traffic rule breaks home, challans will be traced from ITMS, steal vehicles

Bhopal. After the trial run of the Intelligence Traffic Management System (ITMS) on two intersections in the city, the work of putting cameras on other intersections of the city has now begun. In three months, monitoring will be done through ITMS on 22 intersections of the city simultaneously. On January 29, the Bhumibhujan of the ITMS Control Center will be done. After this, the control center will be set up at Govindpura under construction building. The advantage of this system will be that e-invoices will be sent to those who break the traffic rules and run without helmets. Along with that theft vehicles will also be easily traceable. Explain that Bhopal is running the trial for the last one month on the smart city development corporation limited (BScDCL) Roshanpura and the Board Office crossroads. It is gathering data of vehicles passing through the intersection everyday. Under the project, work on camera and road marking is being done at 22 intersections. The process of installing systems and cameras at 16 intersections is in the final stages.

The actual number of vehicles will remain
Operation of illegal vehicle without running permit after the system is operational will not be easy. Such vehicles will be automatic trace. This will also reveal the actual number of vehicles, which are running on the streets of the city, Magic, Ape, Mini bus etc. ——-

This is ITMS
This system is the main driving force, walking the wrong side, identifying the drivers without helmets, classification of vehicles, city surveillance and traffic rules. Manpower needed so far for these tasks. Now it will be automatic. The cameras will be equipped with Automatic Number Plate Reconciliation, ANPR System and Computer Vision and Pattern Recognition System. It is based on Made in India technology. The number of the vehicle and the driver head will be detached together from the camera. After this, the information of breaking the rules of the ITMS server will be sent to the RTO and traffic police. The servers of these two departments will be linked to the ITMS.

Will start in three months
The trial run has been successful in two intersections, but once it is installed on 22 intersections it will be turned on. The work of the control center is also to be done. In three months ITMS will be started.
Chandramouli Shukla, CEO BScDCL

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