उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने लगाई 12 प्रस्‍तावों पर मुहर,नई आबकारी नीति तय

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उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने लगाई 12 प्रस्‍तावों पर मुहर,नई आबकारी नीति तय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंजूरी की मुहर लगा दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिये नई आबकारी नीति का निर्धारण कर दिया है। इस नीति के जरिये बसपा सरकार में वर्ष 2008-09 से पिछली सपा सरकार तक चली आ रही करीब एक दशक की एकाधिकार (मोनोपोली) तोडऩे की पहल की गई है। सरकार ने न केवल स्पेशल जोन समाप्त कर दिया है बल्कि थोक के भाव में दुकानों के लाइसेंस पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अब ऑनलाइन आवेदन होगा और एक जिले से दो से ज्यादा लाइसेंस एक व्यक्ति को नहीं मिल सकेंगे।

आबकारी एकाधिकार तोड़ा
आज लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव समेत कुल 12 फैसलों पर मुहर लगी। फैसलों की जानकारी सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने दी। सिद्धार्थनाथ ने बताया कि उप्र में अब तक आबकारी का जो एकाधिकार चल रहा था, उसे तोड़ते हुए पारदर्शी व्यवस्था की गई है। राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने पहल की है और इस नई नीति से वित्तीय वर्ष में 4673 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुनाफा होगा। यह राजस्व की 29.71 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बताया कि 2008-09 में कुछ विशेष लोगों के लिए तबकी सरकार ने मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर और बरेली मंडल को मिलाकर एक विशेष जोन बनाया था। तब जोन बनाकर ठेका दिया जाता था लेकिन, अब कैबिनेट ने इसे समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब ऑनलाइन आवेदन होगा और ई-लॉटरी के जरिये आवंटन होगा।

कैबिनेट के फैसलेः
छद्म नामों से नहीं ले सकेंगे दुकानें
सरकार ऐसी पारदर्शी व्यवस्था करने जा रही है कि लोग छद्म नामों से दुकान हासिल नहीं कर सकेंगे। नई नीति में प्रॉक्सी रोकने को आधार की व्यवस्था शुरू होगी।

होलोग्राम की व्यवस्था होगी समाप्त
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने मदिरा की अवैध बिक्री को रोकने के लिए होलोग्राम की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है। नकली होलोग्राम के जरिये अवैध बिक्री की बाढ़ आ गई थी। अब नई व्यवस्था में ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम चालू किया जाएगा।

राजस्व वृद्धि के लिए ऑफर
आबकारी विभाग में राजस्व वृद्धि के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में अधिक उठान करने वाले कारोबारियों को लाइसेंस में वरीयता मिलेगी। देसी शराब का छह प्रतिशत, अंग्रेजी का 40 प्रतिशत और बीयर का 30 प्रतिशत अधिक उठान करने वाले को लाइसेंस नवीनीकरण में सरकार प्राथमिकता देगी। डिजिटल इंडिया के तहत अब इलेक्ट्रानिक पेमेंट की व्यवस्था की जाएगी।

धर्मस्थल व स्कूलों से रहेगी दूरी
सरकार ने दुकानों के लिए स्थल निर्धारण से लेकर समय भी तय किया है। यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि दिन में 12 बजे के बाद ही दुकान खुले और रात में भी समय से बंद हो जाए। मंत्री ने कहा कि समय का प्रारूप पूरी तरह तय कर बता दिया जाएगा। इसके अलावा यह भी व्यवस्था बन रही है कि स्कूल, धर्मस्थल और अस्पताल आदि सार्वजनिक स्थलों से दूर बिक्री हो।

मद्यनिषेध विभाग का नियंत्रण लेने की तैयारी
यह सवाल उठा कि एक तरफ तो सरकार मद्य निषेध पर जोर देती है और दूसरी तरफ मदिरा की बिक्री बढ़ाने पर भी। इस विरोधाभास पर प्रमुख सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी का कहना था कि अभी तक मद्य निषेध विभाग समाज कल्याण विभाग से संचालित होता है लेकिन उसे आबकारी विभाग में लेने की तैयारी चल रही है। यह व्यवस्था होने से मद्य निषेध होगा और संतुलन बनाया जाएगा।

 

NEWS IN English

Uttar Pradesh Yogi Cabinet stamped 12 proposals, new excise policy fixed

Lucknow. The Yogi Sarkar of Uttar Pradesh has today approved the approval of 12 important proposals. The Government has set a new Excise Policy for the financial year 2018-19. Through this policy, initiative has been taken to break the monopoly (monopoly) of nearly one decade long in the BSP Government from the year 2008-09 to the previous SP government. Not only has the government eliminated the special zone but also banned the license of shops at wholesale prices. There will now be an online application and more than two licenses will not be available to one person from one district.

Breaks the monopoly of excise
Today, in the cabinet meeting under the chairmanship of Chief Minister Yogi Adityanath, a total of 12 decisions including this proposal were stamped in Lok Bhavan. The information was given by the government spokesperson and health minister Siddharthnath Singh and energy minister Shrikant Sharma. Siddharthaath said that transparent arrangements have been made by breaking the monopoly monopoly which was going on till now. The government has taken initiative to increase revenue and with this new policy, there will be an additional profit of Rs. 4673 crore in the financial year. This will increase the revenue of 29.71 percent. He said that for some special people in 2008-09, the state government had created a special zone by joining Meerut, Moradabad, Saharanpur and Bareilly division. Then the zone was contracted, but now the cabinet has terminated it. He said that now there will be an online application and allotment will be done through e-lottery.

Cabinet decisions:
Shops will not be able to take pseudonym
The government is going to make such transparent arrangements that people will not be able to get the shop from the pseudonym. The new system will start the basis of the proxy prevention system.

Hologram system will end
The spokesperson said that the government has decided to abolish the system of hologram to stop illegal sale of alcohol. There was a flood of illegal sale through fake holograms. Now the track and trace system will be introduced in the new system.

Offer for revenue growth
New arrangements are being made for revenue increase in excise department. In the financial year 2018-19, the high achievers will get priority in the license. Government will give preference to license renewal for six percent of country liquor, 40 percent of English and 30 percent more beer. Under the Digital India, electronic payments will now be arranged.

Distance from religious places and schools
The government has also decided from time to time to determine the venue for shops. This system is being created that after 12 o’clock in the day the shop will be open and close in time at night also. The Minister said that the time format will be fully decided and fixed. Apart from this, the system is also being created that the schools, shrines and hospitals, etc., are selling away from public places.

Preparing to take control of the prohibition department
The question was raised that on one side the government emphasizes alcohol prohibition and on the other hand, even on the sale of alcohol. On this contradiction, Principal Secretary Abachar Kalpana Awasthi said that the liquor prohibition department is operated from the Social Welfare Department till now but the preparations are going to be taken in the excise department. With this arrangement, alcohol will be prohibited and balance will be made.

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