पहली बारिश में खुली भ्रष्टाचार की कलाई

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पहली बारिश में खुली भ्रष्टाचार की कलाई

लाखों का तालाब बारिश का पानी नहीं झेल पाया

तालाब फूटने से गांव वालों की फसल बह गई


जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। जनपद मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर बिलावर कला के झिरियाढाना में शनिवार रविवार को हुई वर्षा में मनरेगा के अंतर्गत निस्तारित तालाब बह गया पहली बरसात में उक्त निस्तारित तालाब में लापरवाही बरतने से पानी बह गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी नेशनल रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलावल कला में निस्तारित तालाब का निर्माण कराया गया था।

लेकिन इसमें भारी लापरवाही बरती गई तालाब में काली मिट्टी के लौंदे बनाकर पीचिंग नहीं कराए जाने से पहली बारिश के पानी ने तालाब के बीच में फोड़ कर रास्ता बनाया। उक्त डैम में जमा पानी के तेज बहाव के कारण तालाब के निचले हिस्से में लगी किसानों की फसल बह गई। तालाब निर्माण कार्य का इस वार्ड के वासियों द्वारा पूर्व में स्थान परिवर्तन की मांग की लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने इसे नजर अंदाज कर तालाब बना दिया। आज ग्राम वासियों ने एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर उचित मुआवजा और लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए ज्ञापन नायाब तहसीलदार पूर्णिमा खंडाईत को प्रस्तुत किया गया है।

मशीनों के कारण मजदूरो के हाथ खाली

जुन्नारदेव के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में इन दिनों बरसात के पूर्व तालाब निर्माण कार्य चरम सीमा पर बनाए जा रहे है। जिसमें बड़े पैमाने पर भारी भ्रष्टाचार मचा हुआ है। मनरेगा के बजट में बंदरबांट मची हुई है। उपयंत्री सचिव जीआरएस के लिए वरदान साबित हो गई है। मनरेगा जिसमें हेराफेरी करके इनके पास आय से अधिक सम्पत्ति बनाई है।

देखा गया कि विकास खंड में हितग्राही मूलक कार्यों में मशीनों का उपयोग करके बकायदा निर्माण कार्य कराए जाते है और मौका स्थल पर जिम्मेदार सब इंजीनियर यह देख कर भी खामोशी से नजरे चुरा लेते है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन कैसे रुकेगा जब मजदूरों की जगह ही इन मशीनों ने ले रखी है तो दिन भर का काम घंटों में इन मशीनों के द्वारा निपटा लिया जाता है। जिसके कारण ग्रामीण इलाकों के मजदूर परदेश में जाकर पेट भरने के लिए जुगाड़ करते रहते है।

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