युवक को आजीवन और पिता-पुत्रों को 7-7 साल की सजा

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युवक को आजीवन और पिता-पुत्रों को 7-7 साल की सजा

बैतूल/मुलताई। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएस तोमर ने बुधवार को दो फैसलों में सुनवाई करते हुए दोषी पाए जाने पर एक युवक को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई वहीं दूसरे मामले में दो पुत्रों सहित पिता को 7-7 वर्ष की सजा से दंडित किया। शासकीय अधिवक्ता भोजराज सिंह रघुवंशी ने मामले के संबंध में बताया कि थाना क्षेत्र के ग्राम पारबिरोली में जमीनी विवाद को लेकर रिश्तेदारों में विवाद के बाद हुई मारपीट में आई चोटों के कारण 80 वर्षीय वृद्धा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना के संंबंध में श्यामलाल निवासी पारबिरोली के अनुसार घटना दिनांक 28/3/2015 को 11 बजे जमीनी विवाद को लेकर पंचायत सम्पन्न हुई थी। पंचायत निपटने के बाद दहलू पिता दशरथ 35 वर्ष, देवी उर्फ देविदास 40 वर्ष व दशरथ पिता पांचू पवार 60 वर्ष द्वारा मंगरया पवार के घर के सामने गाली गलौच कर लाठी से उसे उसकी पत्नि कमला बाई एवं गोसाई व मैना बाई के साथ मारपीट की थी।

जिससे सभी को चोंटे आई थी। मैना बाई की उपचार के दौरान 31 मार्च 2015 को मौत हो गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 302, 323 तीन बार 294, 506,34 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। उक्त मामले में विद्वान न्यायाधीश एमएस तोमर ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए फैसला सुनाया। जिसमें कहा कि आरोपियों द्वारा मैना बाई की हत्या करने की कोई मंशा नही थी। जिसके चलते आरोपियों को धारा 304, 34 द्वितीय कंडिका एवं धारा 323 का दोषी पाए जाने पर धारा 304 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व धारा 323 में एक वर्ष के सश्रम कारावास एक हजार रूपये अर्थदण्ड, व अर्थदण्ड न अदा करने पर एक-एक वर्ष व एक माह अतिरिक्त सजा भुगताने का निर्णय दिया । साथ ही अर्थदण्ड की राशि 84 हजार रूपये जमा किए जाने पर आहत श्यामलाल, कमला बाई व गोसाई को एक-एक हजार रूपये शेष बची राशि मृतका मैना बाई के पति को देने का निर्णय दिया।

मामला -2

इसी तरह एक अन्य हत्या के मामले में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री तोमर ने सुनवाई करते हुए हत्या का दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को आजीवन कारावास व 50 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया। मामले के अनुसार ग्राम पेंढोनी में रिश्तेदारी में मेहमान आए युवक को रमेश पिता महादेव 25 वर्ष निवासी कुजबा हाल नरखेड़ महाराष्ट्र द्वारा 13/7/2015 को कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। उक्त हत्या के पिछे खेती का पुराना विवाद सामने आया है। प्रकाश पिता कलिराम पेंढोनी में कपुरा बाई के घर मेहमान आया था। जिसकी रमेश ने अंकित का पिता समझकर मेहमान आए प्रकाश को कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। जिसे उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था। जहा पदस्थ डाक्टर प्रवीण शुक्ला द्वारा प्रकाश को मृत घोषित कर दिया था।

अगले दिन 14 जुलाई 2015 को वार्डब्वाय की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाकर चालान न्यायालय में पेश किया था। जिस पर बुधवार को न्यायाधीश एमएस तोमर ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व 50 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

 

NEWS IN ENGLISH

Youth gets life sentence for 7-7 years

Betul / Multan. First Additional District and Sessions Judge MS Tomar sentenced a young man to life imprisonment while he was found guilty in two judgments on Wednesday while in the second case punished him with 7-7 years of punishment for his father, including two sons. Government advocate Bhojraj Singh Raghuvanshi said in connection with the matter that in the case of village Parabiroli of the police station, relatives of the 80-year-old died due to injuries caused by a dispute in connection with land disputes in village Parabiroli. In relation to the incident, according to the Parimalaoli resident of Shyamlal, the Panchayat was concluded on the date of 28/3/2015 at 11 o’clock on ground dispute. After dealing with the Panchayat, Hahu Das Dasarath 35 years, Devi alias Dwivedi 40 years and Dashrath father Panchu Pawar 60 years of molestation in front of the house of Mangriya Pawar, with a stick, they beat her with Kamala Bai and Gosai and Mana Bai.

All of which came to a halt. On March 31, 2015, during the treatment of Mana Bai, she died. On the basis of the complaint, the police filed the challan in the court by filing a case under section 302, 323 three times, 294, 506,34. In the said case, the learned judge MS Tomar pronounced the verdict hearing the arguments of both the parties. Wherein there was no intention of the accused to kill Mana Bai. Due to the conviction, the convicts are found guilty of Section 304, 34, second case and section 323, in rigorous imprisonment of seven years of rigorous imprisonment in section 304 and rigorous imprisonment of one year for section 323 and one year for non-payment of one thousand rupees And given the decision to pay extra punishment for one month. At the same time, the amount of penalty for depositing 84 thousand rupees was given to Shyamlal, Kamla Bai and Gosai to give one thousand rupees to the husband of the deceased Mana Bai.

Case-2

Similarly, in the case of another murder, the first District and Sessions Judge, Mr. Tomar, was found guilty of murder while hearing the conviction and sentenced to life imprisonment and punishment of 50 thousand rupees. According to the case, the young man who came to visit the village in village Pendhoni had killed Ramesh father Mahadev with 25-year-old Kuzba Hal Narkhed Maharashtra by ax commanding on 13/7/2015. The old controversy surrounding the farming farm has come out. Prakash father Kaliram Peddoni came to the house of Kapura Bai. Ramesh, who thought that as a father of Ankit, had killed the victim with a ax in the light of the guests. Which was brought to the Community Health Center for treatment. Where the posthumous doctor Pravin Shukla declared the light dead.

The next day on July 14, 2015, on the complaint of Wardbay, the police filed a case against the accused under section 302 and presented the challan in the court. On Wednesday, Judge MS Tomar pronounced the sentence and sentenced the accused to life imprisonment and 50 thousand rupees.

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